
14 मार्च 2026 को अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा में
नेशनल लोक अदालत का आयोजन संपन्न
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के अंतर्गत अपर सत्र न्यायालय पांढुर्णा में माननीय श्रीमान् सुशांत हुद्दार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाड़ा के कुशल मार्गदर्शन में दिनांक 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को श्रीमान् आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा द्वारा मॉ सरस्वती एवं महात्मा गॉंधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित एवं मार्ल्यापण कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। नेशनल लोक अदालत शुभारंभ कार्यक्रम में श्रीमती हर्षिता पिपरेवार, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड पांढुर्णा, श्री संजीत चौरसिया प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड पांढुर्णा के प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश पांढुर्णा, श्री उमेश कुशवाह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पांढुर्णा, श्री शिवेन्द्र सिंह तोमर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पांढुर्णा, श्री विजय केवटे अध्यक्ष अभिभाषक संघ पांढुर्णा, श्री अवतार सिंह रमगड़िया व अन्य अधिवक्तागण व तहसील न्यायालय पांढुर्णा के समस्त कर्मचारीगण, तहसील विधिक सेवा समिति पांढुर्णा के कर्मचारी सहित जिला पांढुर्णा के अंतर्गत बैंकों के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

दिनांक 14 मार्च 2026 दिन शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में नगर पालिका के जलकर के 492 प्रकरण प्रीलिटिगेशन रखे गये थे जिनमें से 57 प्रकरण निराकृत हुये तथा 57 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा राशि 1,63,850 की वसूली हुई। इसी प्रकार संपत्ति कर के 376 प्रकरण प्रीलिटिगेशन रखे गये थे जिनमें से 44 प्रकरण निराकृत हुये तथा 44 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा राशि 1,64,903 की वसूली हुई।
श्रीमान् आमोद आर्य, जिला न्यायाधीश पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा से कुल 31 प्रकरण रैफर किए गए थे। जिनमें से क्रिमिनल कम्पाउंटेबिल के 02 प्रकरण रखे गये थे। धारा 138 एन.आई.एक्ट अपील के कुल 03 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 01 प्रकरण निराकृत हुआ एव 02 व्यक्ति लाभान्वित हुये तथा 5,00,000 की वसूली हुई। मोटर दुर्घटना दावा के 02 प्रकरण रेफर किये गये थे। हिन्दु विवाह अधिनियम के कुल 12 प्रकरण रखे गए थे जिनमें से 04 प्रकरण निराकृत हुये तथा 08 व्यक्ति लाभान्वित हुये। इसी प्रकार अन्य 14 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 03 प्रकरण निराकृत हुये तथा 06 व्यक्ति लाभान्वित हुये।

श्रीमती हर्षिता पिपरेवार, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड पांढुर्णा कुल 22 प्रकरण नेशनल लोक अदालत हेतु रैफर किए गए थे जिनमें से क्रिमिनल कम्पाउंटेबिल के 09 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 09 प्रकरण निराकृत हुये थे 18 व्यक्ति लाभान्वित हुये। धारा 138 एन.आई.एक्ट के कुल 05 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 05 प्रकरण निराकृत हुये तथा राशि 3,56,300 वसूली हुई तथा 10 व्यक्ति लाभान्वित हुये इसी प्रकार अन्य सिविल का 01 प्रकरण रखा गया था जो निराकृत हुआ तथा 02 व्यक्ति लाभान्वित हुये। इसी प्रकार धारा 125 एम.जे.सी.आर. के कुल 07 प्रकरण रेफर किये गये थे जिनमंे से 07 प्रकरण निराकृत हुये तथा 14 व्यक्ति लाभान्वित हुये।
श्री संजीत चौरसिया प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड पांढुर्णा के प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश पांढुर्णा, छिन्दवाड़ा से कुल 55 प्रकरण नेशनल लोक अदालत हेतु रैफर किए गए थे जिनमें से क्रिमिनल कम्पाउंटेबिल के 10 प्रकरण रखे गये थे। धारा 138 एन.आई.एक्ट के कुल 20 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 12 प्रकरण निराकृत हुये तथा राशि 23,50,577 वसूली हुई तथा 24 व्यक्ति लाभान्वित हुये। हिन्दु विवाह अधिनियम के कुल 20 प्रकरण रखे गए थे जिनमें 10 प्रकरण निराकृत हुये तथा 20 व्यक्ति लाभान्वित हुये इसी प्रकार अन्य सिविल के कुल 05 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से 01 प्रकरण निराकृत हुआ तथा 02 व्यक्ति लाभान्वित हुये।
